अग्निवीर पैकेज — हाथ में कितना आता है, सेवा निधि कितनी बनती है
अग्निवीर की तनख़्वाह अक्सर एक बड़े आँकड़े में बताई जाती है, और घर पर उलझन वहीं से शुरू होती है। सच सीधा है: हर महीने पैकेज का 30% अलग रखकर सेवा निधि कोष में जाता है, और बचा 70% हाथ में आता है। पूरे चार साल पूरे करने पर सरकार उतनी ही रकम अपनी ओर से जोड़ती है, और पूरा कोष आपको मिलता है — आयकर से मुक्त।
यह पन्ना घोषित पैकेज का साल-दर-साल हिसाब करता है, और सीमाएँ साफ़ बताता है: ब्याज इसमें शामिल नहीं (दर सरकार समय-समय पर घोषित करती है), और अग्निवीर को पेंशन नहीं मिलती — सेवा निधि एक बार मिलने वाली रकम है, मासिक भुगतान नहीं।
| वर्ष | मासिक पैकेज | हाथ में (70%) | सेवा निधि में (30%) |
|---|---|---|---|
| पहला वर्ष | ₹30,000 | ₹21,000 | ₹9,000 |
| दूसरा वर्ष | ₹33,000 | ₹23,100 | ₹9,900 |
| तीसरा वर्ष | ₹36,500 | ₹25,550 | ₹10,950 |
| चौथा वर्ष | ₹40,000 | ₹28,000 | ₹12,000 |
कैलकुलेटर
आपके भरे आँकड़े इसी ब्राउज़र में रहते हैं — किसी सर्वर को नहीं जाते, कहीं दर्ज नहीं होते। निजता में पूरा ब्योरा। आँकड़े rates.json से आते हैं — वह फ़ाइल जान-बूझकर सार्वजनिक है, ताकि कोई भी जाँच सके कि यह साइट किस आधार पर गिनती कर रही है।
जो बातें साफ़ रहनी चाहिए
- चार साल से पहले छोड़ने पर: अपना जमा हिस्सा ब्याज सहित मिलता है — सरकार का बराबर हिस्सा सिर्फ़ पूरी अवधि पूरी करने पर जुड़ता है।
- ब्याज: इन रकमों के ऊपर सरकार की घोषित दर से जुड़ता है। जो दर हम जाँच नहीं सकते, वह छापते नहीं — इसलिए यहाँ के आँकड़े बिना ब्याज के हैं; असल में मिलने वाली रकम ज़्यादा होगी।
- न पेंशन, न MSP: अग्निवीर पैकेज में सेवा पेंशन, सैन्य सेवा वेतन या नियमित ग्रेच्युटी नहीं है। ये चार साल बाद नियमित सेवा में रखे गए सैनिकों पर लागू होती हैं।
- बीमा अलग है: सेवा के दौरान ₹48 लाख का जीवन बीमा बिना अंशदान के मिलता है — वह सेवा निधि का हिस्सा नहीं है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या अग्निवीर को पेंशन मिलती है?
नहीं। सेवा निधि चार साल पूरे होने पर एक बार मिलने वाली रकम है — अग्निवीर पैकेज में मासिक पेंशन, MSP या नियमित ग्रेच्युटी नहीं है। चार साल बाद जो सैनिक नियमित सेवा में रखे जाते हैं, वे नियमित शर्तों पर आते हैं और तब ये सुविधाएँ लागू होती हैं।
ब्याज कितना जुड़ेगा?
दर सरकार समय-समय पर घोषित करती है, इसलिए हम कोई दर नहीं छापते — इस पन्ने का हर आँकड़ा ब्याज से पहले का है, और असल में मिलने वाली रकम इससे ज़्यादा होगी। जो साइट ब्याज जोड़कर पक्की आख़िरी रकम बताती है, वह अंदाज़ा लगा रही है।
चार साल से पहले छोड़ दूँ तो?
अपना जमा हिस्सा ब्याज सहित मिलता है। सरकार का बराबर हिस्सा सिर्फ़ पूरी अवधि पूरी करने पर जुड़ता है।
क्या सेवा निधि पर टैक्स लगता है?
नहीं — अग्निपथ योजना की घोषणा के साथ सेवा निधि पैकेज को आयकर से छूट दी गई है।
क्या ₹48 लाख का बीमा इसी रकम का हिस्सा है?
नहीं। सेवा के दौरान का जीवन बीमा बिना अंशदान के अलग से है — न वह आपके पैकेज से कटता है, न सेवा निधि का हिस्सा है।
यह जानकारी कहाँ से ली गई
- अग्निपथ योजना की कैबिनेट मंज़ूरी, 14 जून 2022 — PIB प्रेस विज्ञप्ति PRID 1833747 (pib.gov.in) — अनुलग्नक की तालिका 3 अगस्त 2026 को पूरी पढ़कर मिलाई: साल-दर-साल पैकेज, 30% अंशदान + सरकार का बराबर हिस्सा (₹5.02 लाख + ₹5.02 लाख), ब्याज जोड़कर "Rs 11.71 Lakh" की सेवा निधि, आयकर छूट, "no entitlement to gratuity and pensionary benefits", और ₹48 लाख का बीमा। ख़ुद विज्ञप्ति में एक चूक: तीसरे साल के "हाथ में" खाने में 25,580 छपा है, जबकि 36,500 का 70% = 25,550 — यह पन्ना गणित से सही 25,550 दिखाता है।
यह सामान्य जानकारी है — क़ानूनी या वित्तीय सलाह नहीं, और आँकड़ा घोषित पैकेज पर बना अनुमान है — असली रिकॉर्ड आपकी अपनी भर्ती की शर्तें हैं। सैनिक डेस्क एक निजी वेबसाइट है, सरकारी नहीं।