पारिवारिक पेंशन के प्रकार — आप पर कौन सी लागू होती है

पारिवारिक पेंशन के बारे में सबसे ज़रूरी बात वह है जो कोई नहीं बताता: यह एक नहीं, तीन तरह की होती है — और तीनों की दरों में ज़मीन-आसमान का फ़र्क़ है। कौन सी लागू होगी, यह परिवार नहीं चुनता; यह इस बात से तय होता है कि मृत्यु किन परिस्थितियों में हुई और सक्षम प्राधिकारी उसे किस श्रेणी में स्वीकृत करता है।
इस पन्ने में तीनों को अलग-अलग खोलकर रखा है। अपना आँकड़ा निकालना हो तो कैलकुलेटर यही तीनों नियम लगाकर ख़ुद बताता है कि आप पर कौन सी लागू होती है।
एक नज़र में
| प्रकार | मृत्यु की परिस्थिति | दर |
|---|---|---|
| साधारण Ordinary Family Pension |
सेवा से असंबंधित कारण — बीमारी, दुर्घटना, स्वाभाविक मृत्यु; सेवा में रहते या सेवानिवृत्ति के बाद | 30% (शुरुआती अवधि में 50%) |
| विशेष Special Family Pension |
मृत्यु सेवा से जुड़े कारण से मानी गई (attributable to / aggravated by service) | 60% |
| उदारीकृत Liberalised Family Pension |
युद्ध, युद्ध-सदृश ऑपरेशन, सीमा पर झड़प, उग्रवाद-विरोधी कार्रवाई में शहादत | 100% |
1 — साधारण पारिवारिक पेंशन (30%)
यह वह पेंशन है जो ज़्यादातर परिवारों को मिलती है — जब मृत्यु का सेवा से कोई संबंध नहीं माना गया। दर है अंतिम मूल वेतन + MSP का 30%, और यह ₹9,000 प्रति माह से कम कभी नहीं होती।
पर 30% पहले दिन से नहीं लगता। शुरुआत बढ़ी हुई दर — 50% — से होती है:
- सेवा में रहते मृत्यु: बढ़ी हुई दर मृत्यु की तारीख़ से 10 वर्ष चलती है।
- सेवानिवृत्ति के बाद मृत्यु: बढ़ी हुई दर 7 वर्ष या दिवंगत के 67 वर्ष पूरे होने तक (जो पहले आए) चलती है — और वह दिवंगत की अपनी स्वीकृत पेंशन से ज़्यादा नहीं हो सकती। 67 के बाद मृत्यु हुई हो तो बढ़ी हुई दर मिलती ही नहीं, सीधे 30% लगता है।
अवधि पूरी होते ही पेंशन 50% से घटकर 30% पर आ जाती है। यह घटना अचानक लगती है, पर नियम यही है — इसे पहले से जान लेना ही इस पन्ने का काम है।
2 — विशेष पारिवारिक पेंशन (60%)
जब मृत्यु सेवा से जुड़े कारण से हुई मानी जाती है — सेवा की परिस्थितियों से पैदा हुई या बढ़ी बीमारी, ड्यूटी के दौरान दुर्घटना — तब परिवार को साधारण नहीं, विशेष पारिवारिक पेंशन मिलती है: अंतिम मूल वेतन + MSP का 60%।
यहाँ फँसने की जगह यह है: "सेवा से जुड़ा कारण" परिवार का दावा भर नहीं, मेडिकल बोर्ड की राय और सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति से तय होता है। अगर आपको लगता है कि मृत्यु सेवा से जुड़ी थी और साधारण पेंशन ही स्वीकृत हुई है, तो उस निर्णय के विरुद्ध अपील का रास्ता होता है — रिकॉर्ड ऑफ़िस से लिखित में कारण माँगिए। किस आदेश से कौन सी श्रेणी बनी, यह जानना आपका हक़ है।
3 — उदारीकृत पारिवारिक पेंशन (100%)
युद्ध या ऑपरेशन में शहादत — battle casualty — की स्वीकृत श्रेणियों में परिवार को अंतिम मूल वेतन + MSP के बराबर, यानी पूरे आख़िरी वेतन जितनी पेंशन मिलती है। यह सबसे ऊँची दर है, और इसका मक़सद साफ़ है: शहीद का परिवार आर्थिक रूप से वहीं रहे जहाँ वह वेतन रहते था।
कौन सी घटना किस श्रेणी में गिनी जाती है, यह वर्गीकरण (category) सक्षम प्राधिकारी तय करता है। इसके साथ प्रायः अन्य अनुग्रह राशियाँ और कल्याण योजनाएँ भी जुड़ती हैं — वे इस पन्ने के दायरे से बाहर हैं और अलग पन्नों पर आएँगी।
कौन तय करता है — और आप क्या देखें
- श्रेणी रिकॉर्ड ऑफ़िस की जाँच, मेडिकल बोर्ड (जहाँ लागू हो) और सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति से बनती है।
- PPO (पेंशन भुगतान आदेश) में लिखा होता है कि कौन सी पेंशन, किस दर से और कब से स्वीकृत हुई। अपने PPO में यही पंक्ति सबसे पहले ढूँढ़िए।
- सेवा में रहते पति के PPO में पत्नी का नाम पहले से दर्ज (joint notification) होना दावे को कई महीने छोटा कर देता है — यह जाँच आज ही हो सकती है, किसी के जाने से पहले।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या मैं ख़ुद चुन सकती हूँ कि कौन सी पेंशन लूँ?
नहीं। श्रेणी परिस्थितियों और स्वीकृति से तय होती है। हाँ, ग़लत श्रेणी लगने पर अपील की जा सकती है।
तीनों में महँगाई राहत मिलती है?
हाँ — जो भी दर बने, उस पर महँगाई राहत (इस समय 60%, 1 जनवरी 2026 से) अलग से जुड़ती है।
50% से 30% पर कब आती है — कोई सूचना मिलती है?
अवधि PPO में दर्ज होती है और बैंक/SPARSH (रक्षा पेंशन का सरकारी portal) उसी से दर घटाते हैं। सूचना का इंतज़ार मत कीजिए — अपने PPO से तारीख़ अभी निकालकर रख लीजिए। कैलकुलेटर दोनों चरण पहले ही दिखा देता है।
यह जानकारी कहाँ से ली गई
- महँगाई राहत 60% (01.01.2026 से): DoP&PW कार्यालय ज्ञापन सं. 42/02/2024-P&PW(D), दिनांक 24 अप्रैल 2026।
- दरें (30% / 50% / 60% / 100%): रक्षा मंत्रालय/DESW पत्र सं. 17(01)/2017(02)/D(Pen/Pol), दिनांक 5 सितंबर 2017 — पैरा 5.4, 5.5, 5.6; मूल casualty-awards पत्र सं. 1(2)/97/D(Pen-C), 31 जनवरी 2001। खंड पढ़कर मिलाए गए, 2 अगस्त 2026।
- बढ़ी हुई दर की अवधियाँ (10 वर्ष / 7 वर्ष / 67 की उम्र) और दिवंगत की अपनी पेंशन की सीमा: सेना पेंशन विनियम, भाग-I (2008, 2020 तक संशोधित), विनियम 64(b) — 7 साल की सेवा वाली पुरानी शर्त 1 अक्टूबर 2019 से हटी (रक्षा मंत्रालय पत्र सं. 14(02)/2019/D(Pen/Pol), 5 अक्टूबर 2020)। विशेष पारिवारिक पेंशन का अपना न्यूनतम ₹18,000 — विनियम 113 और 120। खंड पढ़कर मिलाए गए, 3 अगस्त 2026।
- सारी दरें एक जगह: /data/rates.json
ज़रूरी बात
यह पन्ना बताता है कि नियम और परिपत्र क्या कहते हैं। यह सरकारी वेबसाइट नहीं है। अपना मामला अपने रिकॉर्ड ऑफ़िस या पेंशन देने वाले दफ़्तर से पुष्टि करें।
इस पन्ने में कोई ग़लती दिखी? बताइए — सुधार सार्वजनिक रूप से दर्ज होता है।