कल्याण योजनाएँ — क्या-क्या है, और माँगने असल में कहाँ जाना है

आख़िरी जाँच: 3 अगस्त 2026 · यह पन्ना कैसे जाँचा जाता है · ग़लती दिखे? बताइए

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सरल मार्गदर्शिका · जाँची हुई जानकारी · संबंधित official source नीचे दिए गए हैं

पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए जितनी मदद मौजूद है, उतनी ज़्यादातर परिवार कभी माँगते ही नहीं — योजनाएँ छुपी हुई नहीं हैं, बस कोई यह नहीं बताता कि कौन सी योजना किस दफ़्तर से चलती है। यह पन्ना वही नक़्शा है। हम योजनाओं के नाम और खटखटाने वाले दरवाज़े बताते हैं; मदद की मौजूदा रकमें आदेश से बदलती रहती हैं, इसलिए आँकड़ों के लिए हम आधिकारिक पन्नों का रास्ता दिखाते हैं — बासी पड़ने वाले आँकड़े नहीं छापते।

  1. 1 ज़िला सैनिक बोर्ड में एक बार registration डिस्चार्ज बुक + PPO (पेंशन भुगतान आदेश) — इसी से सारे दरवाज़े खुलते हैं
  2. 2 KSB पोर्टल पर आवेदन ksb.gov.in — योजना चुनिए, फ़ॉर्म भरिए
  3. 3 ZSB काग़ज़ जाँचता है ज़िला बोर्ड जाँचकर आगे भेजता है
  4. 4 मदद बैंक में पहुँचती है सीधे दर्ज खाते में

मुख्य दरवाज़ा: KSB और उसके बोर्ड

केंद्र की ज़्यादातर कल्याण मदद केंद्रीय सैनिक बोर्ड (KSB) से चलती है, जो राज्य सैनिक बोर्डों (राज्य स्तर) और ज़िला सैनिक बोर्डों (ज़िला स्तर) के ज़रिए काम करता है। लगभग हर चीज़ का पहला दरवाज़ा आपका ज़िला सैनिक बोर्ड है — वहाँ पूर्व सैनिक या विधवा के तौर पर registration ही बाक़ी सब खोलती है।

⚠ रैंक की वह शर्त जो ज़्यादातर परिवार नहीं जानते इनमें से ज़्यादातर मदद (penury, पढ़ाई, बेटी की शादी) हवलदार या उसके बराबर तक की रैंक के लिए है; दिव्यांग-संतान वाली मदद JCO और बराबर तक। सिर्फ़ अनाथ-संतान वाली मदद हर रैंक के लिए है। किसी मदद पर उम्मीद बाँधने से पहले रैंक की शर्त देख लीजिए।

इनके आवेदन KSB पोर्टल पर चलते हैं, काग़ज़ों की जाँच ज़िला सैनिक बोर्ड करता है। KSB कुछ और योजनाएँ भी चलाता है जिनका ब्योरा इस पन्ने पर नहीं — बिना-पेंशन पूर्व सैनिकों का इलाज, विधवाओं की vocational training, गंभीर बीमारी में मदद, चलने-फिरने के उपकरण और घर के क़र्ज़ के ब्याज में छूट। इनमें से अभी कौन सी खुली है, यह ज़िला सैनिक बोर्ड से पूछिए।

कुछ पुरानी एक-बार की मदद, जिनके बारे में परिवार आज भी पूछते हैं — अंतिम संस्कार और घर-मरम्मत — अब KSB की मौजूदा योजना-सूची में नहीं दिखतीं (3 अगस्त 2026 को देखा)। कोई कहे कि ये चालू हैं, तो भरोसा करने से पहले ज़िला सैनिक बोर्ड से पूछ लीजिए।

Scholarship

शहादत और मुश्किल वक़्त के कोष

⚠ एक आदत जिससे सारे दरवाज़े खुलते हैं अपने ज़िला सैनिक बोर्ड में registration कराइए — पूर्व सैनिक या विधवा, डिस्चार्ज बुक और PPO के साथ। ऊपर की हर मदद वही registration माँगती है। एक बार, अच्छे दिनों में करा लीजिए — ताकि मुसीबत आने से पहले काग़ज़ मौजूद हों।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सबसे पहला काम क्या करें?

अपने ज़िला सैनिक बोर्ड में registration कराइए — पूर्व सैनिक या विधवा के तौर पर, डिस्चार्ज बुक और PPO लेकर। इस पन्ने की हर मदद वही registration माँगती है; अच्छे दिनों में करा लीजिए, ताकि मुसीबत से पहले काग़ज़ मौजूद हों।

मुझे कोई पेंशन नहीं मिलती — क्या फिर भी मदद है?

हाँ — penury grant ठीक इन्हीं के लिए है: हवलदार तक के बिना-पेंशन पूर्व सैनिक या उनकी विधवाएँ, उम्र 65 साल या ज़्यादा। रास्ता KSB के बोर्डों से होकर जाता है। एक बात पहले से जान लीजिए: दर महीने की है, पर पैसा साल में एक बार, इकट्ठा आता है।

बेटी की शादी की मदद कितनी है?

रकमें आदेश से बदलती रहती हैं, इसलिए हम ऐसा आँकड़ा नहीं छापते जो पुराना पड़ जाए — मौजूदा रकम ksb.gov.in पर है। ज़्यादा काम की बातें: यह हर बेटी पर लागू है (ज़्यादा से ज़्यादा दो), रैंक की सीमा हवलदार या बराबर है, और आवेदन शादी के 180 दिन के अंदर पोर्टल पर पहुँचना चाहिए, ZSB की जाँच के साथ।

PM Scholarship कब खुलती है?

हर शैक्षणिक वर्ष, online — खिड़की आम तौर पर 30 नवंबर के आसपास बंद होती है। छात्र के काग़ज़ और अपनी ESM registration पहले से तैयार रखिए। दो शर्तें परिवार सबसे ज़्यादा चूकते हैं: apply सिर्फ़ पहले साल वाला छात्र कर सकता है, और qualifying परीक्षा में 60% या ज़्यादा चाहिए।

यह जानकारी कहाँ से ली गई

यह सामान्य जानकारी है, क़ानूनी सलाह नहीं। पात्रता और रकमें लागू आदेश और हर योजना को चलाने वाले बोर्ड तय करते हैं। सैनिक डेस्क एक निजी वेबसाइट है, सरकारी नहीं।